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How to control your enger गुस्से को कैसे नियंत्रित करें। बहुत बढ़िया कहानी

How to control your enger गुस्से को कैसे नियंत्रित करें। बहुत बढ़िया कहानी 

 एक महिला थी। वे छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक गुस्सा हो जाती थी। उसकी इसी गुस्से की वजह से घर में हमेशा कलह की स्थिति बनी रहती थी। उनको भी अपनी इस आदत से बेहद परेशान थी। 

 एक दिन इसके घर में साधु महाराज आते हैं। महिला ने साधु महाराज को अपनी सारी परेशानी बताई। साधु महाराज ने महिला को एक सीसा मे दवा दिया और कहा। "जब भी तुम्हें गुस्सा आए इनमें से पांच बूंद अपने जीभ में डालना और दस मिनट तक उसे अपने मुंह में ही रखना। यदि ऐसा नहीं किया तो यह दवा काम ही नहीं करेगा।

 अब महिला को जब भी गुस्सा आती थी। दवा ले लेती और साधु महाराज जी के कहे अनुसार दस मिनट तक अपनी जीभ में ही रखती थी। धीरे-धीरे महिला की गुस्सा कम होने लगी लगभग एक हफ्ते तक यह सिलसिला चलता रहा। देखते-देखते महिला को गुस्सा करने की क्षमता कम हो गई और घर में सभी शांतिपूर्ण रहने लगे। 

 कुछ दिन बाद साधु महाराज फिर से उस महिला के घर आया। महिला ने साधु महाराज से अपने गुस्से को कम होने के बारे में बताएं।

 तभी साधु महाराज कहते हैं :-  सुनो मैंने जो आपको दवा दिया है, उनमें सिर्फ पानी भरा हुआ है। और तुम्हारा गुस्सा करना इसलिए छूटा, कि तुम जब भी गुस्सा करती थी उस दवा को पीकर दस मिनट तक शान्त रहती थी, कुछ भी बोल नहीं पाती थी। इसका अर्थ यह है कि गुस्से को केवल और केवल मौन रहने से शान्त किया जा सकता है। गुस्से में प्राणी को कुछ भी दिखाई नहीं देता।  उल्टा पुल्टा कुछ भी कहता रहता है।  अतः शांति मौन रहने से ही उसके गुस्से को नियंत्रित किया जा सकता है। 

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